अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू सर्राफा बाजार तक, सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। बीते 10 दिनों से सोना कमजोर रुख में है और अब निवेशक व व्यापारी दोनों ही इसके आगे के ट्रेंड पर नजर जमाए हुए हैं। वहीं, ज्वैलर्स मानते हैं कि यह गिरावट खरीदारों के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकती है।
Gold Price और चांदी के भाव में गिरावट
सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना करीब 500 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,00,420 पर आ गया। पिछले सत्र में इसकी कीमत ₹1,00,920 थी। वहीं, 99.5 फीसदी प्योरिटी वाला सोना ₹450 गिरकर ₹1,00,050 पर पहुंचा।
चांदी के दामों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कीमत ₹1,000 कम होकर ₹1,14,000 प्रति किलो पर आ गई, जबकि पिछले सत्र में यह ₹1,15,000 पर बंद हुई थी।
क्यों हो रही है सोने की कीमतों में गिरावट?
- वैश्विक आर्थिक संकेत: अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े और डॉलर की मजबूती का असर सोने की कीमतों पर देखा जा रहा है।
- जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी: रूस-यूक्रेन युद्ध पर कूटनीतिक प्रयास और अमेरिका-चीन तनाव में आंशिक राहत ने सोने की सुरक्षित निवेश वाली छवि को कमजोर किया है।
- रुपए की मजबूती: हाल ही में जीएसटी रिफॉर्म्स और डॉलर/रुपए की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव भी घरेलू कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं।
कमोडिटी विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति में सोने में मिलाजुला रुख देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और आर्थिक डेटा कीमतों की दिशा तय करेंगे।
खरीदारों के लिए मौका
ज्वैलर्स का कहना है कि लंबे समय से रुके ग्राहक अब बाजार में सक्रिय हो सकते हैं। हालिया गिरावट शादी-ब्याह सीजन से पहले खरीदारी के लिए एक सही समय मानी जा रही है।
सितंबर में कहां जा सकता है सोना?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डॉलर मजबूत रहता है और अंतरराष्ट्रीय तनाव और घटता है, तो सोने की कीमतों में और नरमी देखी जा सकती है। हालांकि, किसी भी अप्रत्याशित वैश्विक घटना से सोने में तेजी भी लौट सकती है।











