सोना और चांदी, ये दो ऐसी चीज़ें हैं जो हमेशा से भारतीयों के दिलों के करीब रही हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से इनके दाम ऐसे बढ़ रहे हैं कि खरीदने से पहले हर कोई दो बार सोचे। अगर आप भी सोने-चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं या पहले से ही इन्हें रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। आइए, जानते हैं कि आखिर इन कीमती धातुओं के दाम इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं और आगे बाजार का क्या हाल रह सकता है।
सोना-चांदी के दाम में आया जबरदस्त उछाल
हाल ही में सोने और चांदी की कीमतों में एक बड़ा उछाल देखने को मिला है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत ₹600 की जोरदार तेजी के साथ ₹1,00,770 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। वहीं, चांदी ने तो जैसे सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए। यह एक ही दिन में ₹3,000 महंगी होकर ₹1,18,000 प्रति किलोग्राम के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और भारतीय रुपये के कमजोर होने की वजह से हुई है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
सोना-चांदी की कीमतों में इस उछाल के पीछे कई वजहें हैं। विशेषज्ञों की मानें तो, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को हटाए जाने के फैसले ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता और असमंजस पैदा कर दिया है। जब भी बाजार में इस तरह की अस्थिरता आती है, निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ रुख करते हैं। सोना हमेशा से ऐसा ही एक सुरक्षित विकल्प रहा है, जिसकी वजह से इसकी मांग बढ़ गई है।
इसके अलावा, ट्रंप के इस फैसले से अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव भी बढ़ गया है। ब्याज दरें कम होने पर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को फायदा होता है, क्योंकि उनकी चमक और बढ़ जाती है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण
सोने की कीमतों पर घरेलू मुद्रा का भी असर पड़ता है। हाल ही में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर ₹87.68 पर बंद हुआ। रुपये में आई इस कमजोरी ने भी सोने के दाम बढ़ा दिए। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की खबरों ने भी बाजार में कुछ अस्थिरता पैदा की।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो, न्यूयॉर्क में स्पॉट गोल्ड 0.37% की बढ़त के साथ USD 3,378.37 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। कोटक सिक्योरिटीज के एक विशेषज्ञ के मुताबिक, डॉलर में कमजोरी और फेड की स्वतंत्रता को लेकर बढ़ी चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों को सहारा दिया है।
भविष्य में क्या उम्मीद करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में निवेशकों की नजर अमेरिका के कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी, जैसे कि बेरोजगारी के आंकड़े और GDP में संशोधन। ये आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति का संकेत देंगे, जिससे सोने की कीमतों की दिशा तय होगी। इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध में बढ़ते तनाव और चीन व तुर्की जैसे देशों द्वारा अपने सोने के भंडार में बढ़ोतरी भी सोने की मांग को और बढ़ा सकती है।
आपके लिए क्या मायने रखता है?
अगर आप सोने या चांदी में निवेश करना चाहते हैं, तो यह सही समय हो सकता है। लेकिन यह भी ध्यान रखें कि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए, किसी भी बड़े निवेश से पहले किसी वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।