सोना खरीदने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। अगर आप भी सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो जान लीजिए कि इस कीमती सोने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। जी हां, Gold Price in India ₹1,03,670 प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। आखिर क्या वजह है कि सोने की कीमतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं? आइए, सोने-चांदी के भाव पर गहराई से नज़र डालते हैं।
सोने का भाव पहुंचा नई ऊंचाई पर
Gold Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत में ₹2,100 की जोरदार तेजी देखने को मिली। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,03,670 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 99.5% शुद्धता वाला सोना भी ₹2,100 की बढ़त के साथ ₹1,03,100 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड पर कारोबार कर रहा था। सोने में यह तेजी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में देखने को मिली है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने इस बात की पुष्टि की है कि रुपये में कमजोरी और विदेशी बाजारों में सकारात्मक रुख की वजह से घरेलू बाजार में सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
रुपये की कमजोरी और अमेरिकी टैरिफ का असर
Gold Price Today: सोने की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है भारतीय रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होना। शुक्रवार को रुपया पहली बार ₹88 के स्तर को पार करके ₹88.19 के निचले स्तर पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं ने भी रुपये पर दबाव डाला है। जब रुपया कमजोर होता है, तो सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
राजनीतिक अनिश्चितता ने बढ़ाई मांग
वैश्विक बाजार में चल रही राजनीतिक अनिश्चितता ने भी सोने की मांग को बढ़ा दिया है। ट्रेडजिनी के त्रिवेश डी ने बताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर को हटाए जाने की संभावित खबरों और भारत पर अमेरिकी टैरिफ की घोषणा ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ जा रहे हैं, और सोने से बेहतर सुरक्षित विकल्प कोई नहीं है। इस मांग के बढ़ने से भी सोने की कीमतों को काफी सपोर्ट मिला है।
चांदी के भाव में ₹1000 की गिरावट
सोने की चमक के बीच, चांदी का रेट में हल्की गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार को चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड स्तर से ₹1,000 गिरकर ₹1,19,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि चांदी की औद्योगिक मांग काफी मजबूत है, जो इसे आगे चलकर फिर से मजबूत बना सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बढ़ता है, तो सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। पिछले पांच सालों में, सोना और चांदी दोनों ही नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, जो इनकी मजबूत मांग को दर्शाता है। चांदी भी भविष्य में $39.60 प्रति औंस के स्तर को पार कर $44 प्रति औंस तक पहुंच सकती है।